राजनीति का अखाड़ा बना बरकाकाना रेलवे साइडिंग

कांग्रेस विधायक ममता और अंबा ने खोला जेएमएम जिला अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा

रामगढ़, 07 दिसंबर : जिले का बरकाकाना रेलवे साइडिंग राजनीति का बड़ा अखाड़ा बन गया है। यहां 2 महीने पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनोद किस्को की कंपनी ने काम शुरू किया था। किस्को कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ बरकाकाना और उसके आसपास के लगभग एक दर्जन गांव के लोगों ने हंगामा शुरू किया था। वह मामला शांत हुआ तो अब कांग्रेस विधायक ममता देवी और अंबा प्रसाद ने कंपनी के मालिक और झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष विनोद किस्को के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विनोद किस्कू ने भी उन दोनों विधायकों पर रंगदारी का आरोप लगाया तो मामले को अलग मोड़ दे दिया गया। 
रेलवे साइडिंग पर हंगामा करने वाले ग्रामीणों पर किस्को कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब यह प्राथमिकी उनके गले की हड्डी बन गई। विधायक ममता और अंबा ने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक विस्थापित ग्रामीणों के साथ किस्को कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वार्ता नहीं करते हैं, तब तक उनका काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। पिछले 3 दिनों से बरकाकाना रेलवे साइडिंग में लोडिंग और अनलोडिंग का काम पूरी तरीके से ठप है। कंपनी की ओर से 2 प्राथमिक किया भी दर्ज की जा चुकी हैं। जिसमें सैकड़ों लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। अब ग्रामीणों के साथ दोनों विधायक भी जिलाध्यक्ष के विरोध में खड़ी हो गई हैं। रविवार की शाम प्राथमिकी के विरोध में सैकड़ों महिलाएं बरकाकाना ओपी पहुंची थी। उन लोगों ने थाने का घेराव किया और कहा कि किसको कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा मजदूरों और कामगारों को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। वे लोग रोजगार की मांग को लेकर कंपनी के पास गए थे। लेकिन कंपनी के द्वारा उन्हें रोजगार से वंचित किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उन लोगों के पास प्रदर्शन करने के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं है।
विस्थापित नेता छोटेलाल करमाली ने कहा कि किस्कू कंस्ट्रक्शन कंपनी झामुमो के रामगढ़ जिला अध्यक्ष विनोद किस्कू की कंपनी है। किस्कू कंपनी सत्ता के नशे में चूर है, जिसके कारण विस्थापितों को परेशान करने का काम और भड़काने का काम कर रही है। विस्थापित जब अपने हक अधिकार की लड़ाई करते हैं तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जाता है। बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद और रामगढ़ विधायक ममता देवी विस्थापितों को अपना अधिकार दिलाने को लेकर हम लोगों के साथ खड़ी हुई थी। उन लोगों के ऊपर भी झामुमो नेता विनोद किस्कू ने रंगदारी का आरोप लगाया है जो कहीं से सही नहीं है।