गरीबों की मदद में जुटी सरकार

गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था

मौजूदा हालात में गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री दीदी किचेन योजना शुरू की है। राज्य के सभी 4562 पंचायतों में रविवार से इन केंद्रों का परिचालन शुरु हो गया है। इसके संचालन की जवाबदेही पंचायत स्तर पर निबंधित सखी मंडलों को दी गई है। राज्य में मुख्यमंत्री दीदी किचेन के तहत 3647 दीदी किचेन कार्य कर रहे हैं जो आसपास के लोगों तक खाना पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में मुख्यमंत्री दाल भात योजना के तहत 344 केंद्र, पुलिस द्वारा चलाये जा रहे विशेष दाल भात योजना के 472 केंद्र और अतिरिक्त 391 केंद्र कार्य कर रहे हैं, जिनके द्वारा 10,04,493 लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। 688 गैर सरकारी संस्थाओं एवं वॉलेन्टीयर्स द्वारा भी विभिन्न जिलों में लोगों को खाना खिलाने का कार्य किया जा रहा है । प्रवासी मजदूरों के लिए 674 कैंप खोले गए हैं, जिनमें 54555 लोगों को खाना खिलाया जा रहा है।

पीडीएस के जरिए खाद्यान्न का वितरण

झारखंड खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में पीएचएच एवं एएवाई कार्ड धारकों के बीच अप्रैल और मई दोनों माह के अनाजों का वितरण किया जा रहा है। पीएचएच कार्ड धारकों के बीच, परिवार के प्रत्येक सदस्य हेतु 5 किलो अनाज दिए जाते हैं, वहीं एएवाई कार्ड धारकों को प्रत्येक कार्ड पर 35 किलो अनाज दिया जाता है। आपको बता दें कि भारत सरकार द्वारा प्राप्त अनाज निशुल्क है, जबकि राज्य सरकार 1 रुपये प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराती है। भारत सरकार ने आदेश दिया है कि 3 माह तक 1 किलो दाल भी दोनों खाता धारकों को उपलब्ध कराया जाए। इस हेतु विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में खाद्यान्न उपलब्ध करा दिए गए हैं। राज्य सरकार अप्रैल और मई में कार्ड धारकों के बीच 1 किलो की जगह 2 किलो नमक बांटेगी।

मदद के लिए हर वक्त तैयार कंट्रोल रूम

राज्य सरकार ने “राज्य स्तरीय कोरोना कंट्रोल रूम” बनाया है, और कोरोना से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए टॉल फ्री नम्बर (181) जारी किया गया है। इस नम्बर पर 23 मार्च 2020 से लोगों की समस्यायें सुनी जा रही है और उसका समाधान भी किया जा रहा है। अबतक 5581 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिसमें 1929 शिकायतों पर कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं बचे हुए शिकायतों पर यथा संभव कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त शिकायतों में से फूड सप्लाई से संबंधित 1219, चिकित्सा से संबंधित 330, विधि व्यवस्था से संबंधित 197, अन्य राज्यों में फंसे लोगों से संबंधित 126 एवं अन्य 57 शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई और संबंधित लोगों तक सहायता पहुँचाई गई।

राज्य के बाहर कैसे मिलेगी मदद?

राज्य सरकार के पास अभी तक सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 4729 स्थानों पर झारखंड के 4,55,704 लोगों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है। जिसमें से विभिन्न राज्यों के आला अधिकारियों से बातचीत कर 4,238 स्थानों पर 2,86,424 लोगों के खाने एवं रहने की व्यवस्था की गई है। झारखंड सरकार के अनुरोध पर तेलंगाना सरकार ने वहां के 301 जगहों पर फंसे 14,687 झारखंड के मजदूरों के सहयोग हेतु सभी मजदूरों को 12 किलो चावल और 500 रुपये की राशि दिए हैं। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि झारखंड का कोई भी व्यक्ति, चाहे वो कहीं भी हो, भूखा न रहे।