इंडियन ऑयल ने लॉन्च किया भारत का पहला 100 ऑक्टेन पेट्रोल

– उच्च क्षमता वाले कारों और बाइक के लिए है दुनिया का सबसे अच्छा प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल
बेगूसराय, 02 दिसम्बर । इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने देश के पेट्रोलियम फ्यूल के रिटेल मार्केट में एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में विश्व स्तरीय प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल 100 ऑक्टेन लॉन्च किया है। इंडियन ऑयल भारत की पहली कंपनी है जिसने प्रीमियम विश्व स्तरीय पेट्रोल लॉन्च किया है और यह उच्चस्तरीय कारों और बाइक की क्षमता को बढ़ाता है। 
इस ईंधन के साथ भारत दुनिया भर के उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जहां 100 या अधिक ऑक्टेन नंबर वाले पेट्रोल उपलब्ध हैं। XP100 जैसा विश्वस्तरीय उत्पाद यह साबित करता है कि भारत सभी को बेहतर ऊर्जा समाधान भी प्रदान करने की दिशा में समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक के माध्यम से ऊर्जा समाधानों को विकसित किया जाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बेहतरीन कदम है। 
इंडियन ऑयल के अध्यक्ष श्रीकांत माधव वैद्य ने कहा है कि XP100 एक अति-आधुनिक, अति-प्रीमियम उत्पाद है जो एक अलग अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह वाहन को उच्च शक्ति और क्षमता तथा आपको आनंदमय ड्राइव देने के लिए पेट्रोल का बेहतरीन ग्रेड है। 
कॉर्पोरेट संचार प्रबंधक अंकिता श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) द्वारा विकसित स्वदेशी ऑक्टोमैक्स (OCTAMAX) तकनीक का उपयोग करके XP100 प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल का उत्पादन किया गया है। वर्तमान में भारत में बिकने वाले सामान्य पेट्रोल में 91 ऑक्टेन होता है। 100 ऑक्टेन के साथ इंडियन ऑयल का प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल, इंजन को और अधिक गतिशील करने, तेज गति प्रदान करने, इंजन की क्षमता को बढ़ाने, बेहतर वाहन चालन अनुभव देने और ईंधन बचाने तथा इंजन की लाइफ को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। 
यह IS-2796 विनिर्दिष्ट मानकों से अधिक क्षमता युक्त है और बहुत कम टेलपाइप उत्सर्जन के साथ पर्यावरण के अनुकूल ईंधन भी है। इंडियन ऑयल ने दो चरणों में देश के 15 चिन्हित शहरों में XP100 प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल को रोल-आउट करने की योजना बनाई है। नवीनतम तकनीक से लैस प्रीमियम वाहन 100 ऑक्टेन पेट्रोल के पूर्णरुपेण लाभों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दुनिया भर में हाइ-एंड वाहनों का एक खास बाजार है, जो 100 ऑक्टेन वाले उच्च पेट्रोल की मांग करता है और यह केवल जर्मनी, अमेरिका जैसे छह देशों में ही उपलब्ध है।