सत्ता पक्ष में ही किसी को बना दीजिए नेता प्रतिपक्ष- बाबू लाल मरांडी

गुरुवार को बीजेपी के दो चेहरे नजर आए। सदन के बाहर बीजेपी के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाजी की। लेकिन सदन में जब प्रश्नकाल के दौरान बाबू लाल मरांडी बोलने आए तो उन्होंने सदन का भरोसा दिलाया कि विपक्ष अब नेता प्रतिपक्ष की मांग को लेकर सदन के अंदर विरोध नहीं करेगा, वेल में नहीं आएगा…. स्पीकर जब चाहें, जैसे चाहें इस बाबत फैसला लें, यहां तक कि अगर वो चाहें तो सत्ता पक्ष के ही किसी व्यक्ति को ही नेता प्रतिपक्ष बना दें।

बाबूलाल ने कहा

अब वेल में नहीं आएंगे विपक्ष के सदस्य –बाबू लाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष को लेकर आपसे मांग नहीं करेंगे- बाबू लाल मरांडी

सत्ता पक्ष में ही किसी को बना दीजिए नेता प्रतिपक्ष

स्पीकर ने कहा-

आक्षेप आसन पर लग रहा है, मुझे ठीक नहीं लग रहा है, विधिक राय के बाद विलंब नहीं होगा

विधिक राय आने के बाद जल्द होगा फैसला

दूध का दूध पानी का पानी होगा

इसके पहले बीजेपी विधायक अनंत ओझा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बगैर सदन नहीं चल सकता है। चुनाव आयोग ने भी बाबूलाल मरांडी की पार्टी के बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब हम इस मुद्दे को लेकर जनता की अदालत में जाएंगे और चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे।

बीजेपी विधायक अमित मंडल ने चुनाव आयोग का आदेश दिखाते हुए कहा कि आपको भी ये लेटर मिला होगा। हम कैप्टन के बिना सदन में कैसे खेलेंगे। अब गेंद आपके पाले में है। आप जैसे खेलेंगे, आपका निर्णय हमें मंजूर होगा।

आपको बता दें कि बीजेपी 28 फरवरी से एसेंबली में नेता प्रतिपक्ष की मांग कर रहा है और 2 मार्च से सदन में रोज इसी मुद्दे को लेकर हंगामा चल रहा है। बीजेपी को डर है कि सत्ता पक्ष इस मामले को 26 मार्च तक यानी राज्यसभा चुनाव के दिन तक खींचना चाहता है। उसको डर ये भी है कि अगर विधिक राय संविधान की दसवीं अनुसूची के मद्दे नजर आई तो बाबू लाल मरांडी की विधायकी भी खतरे में पड़ सकती है