इंडोनेशिया ने भी दिया टिकटॉक को झटका

जकार्ता, 07 अगस्त : चीनी कंपनी टिकटॉक को भारत, अमेरिका के बाद इंडोनेशिया की ओर से भी झटका दिया गया है। उसे पूरी तरह से देश निकाला तो नहीं दिया गया लेकिन इस पर सरकार ने 10 प्रतिशत का वैट जरूर लगा दिया है । इसके साथ ही यहां फेसबुक और डिजनी पर भी अतिरिक्‍त वैट लगाया गया है।

इस संबंध में मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार अपने दिए बयान में टैक्य विभाग ने कहा कि इंडोनेशिया में जो टेक्नोलॉजी कंपनी अपनी सेल्स पर 10 प्रतिशत टैक्स देती थीं उनमें अब टिकटॉक, फेसबुक और डिजनी को भी शामिल कर लिया गया है। दक्षिण पूर्व एशिया के सबसे बड़े देश इंडोनेशिया ने पिछले महीने ही अमेजन, नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाई और गूगल की सेल पर 10 प्रतिशत वैट लगाने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि महामारी के कारण खर्चों में बदलाव हो रहे हैं और सरकार को मार झेलनी पड़ रही है।
सरकार का कहना है कि इंडोनेशिया में जो भी कंपनिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिवर्ष 600 मिलियन  इंडोनेशिया राशि  कमा रही हैं। उन्हें अब से 10 प्रतिशत वैट का भुगतान करना होगा। क्‍योंकि हमारा अनुमान है कि कोरोना वायरस से व्यापारों पर पड़ने वाले नकारात्‍मक प्रभाव के चलते  इंडोनेशिया इस साल 13 प्रतिशत वार्षिक गिरावट दर्ज करेगा। जिसकी कि कुछ भरपाई इस नए नियम से हो सकेगी।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में टिकटॉक पर बैन लगाने की धमकी देने के एक सप्ताह बाद टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस के खिलाफ एक कार्यकारी आदेश जारी किया है। ट्रंप ने इमरजेंसी इक्नॉमिक पावर एक्ट के तहत ये ऑर्डर पास किया है जो प्रशासन को अमरिकी फर्मों या नागरिकों द्वारा बार-बार व्यापार करने या स्वीकृत पक्षों के साथ वित्तीय लेन-देन की शक्ति प्रदान करता है। इस आदेश के प्रभावी होने में 45 दिन का समय लगेगा। इस बीच जो भी टिकटॉक के साथ किसी का भी लेनदेन होगा वह इस समय में उसे पूरा कर सकते हैं।